Sun. Apr 11th, 2021

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Kaithi- वो ब्लॉकबस्टर तमिल फिल्म जिसके हिन्दी रीमेक में दिखने वाले हैं अजय देवगन

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kaithi filmania

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सबसे पहले मैं आप सभी को ये बता देना चाहता हूं Kaithi फिल्म को मैंने 1 महीने पहले देखा था, जिस दिन ये यूट्यूब पर हिंदी डब के साथ रिलीज की गई थी. लेकिन इसे मैंने दोबारा इसके ओरिजनल तमिल वर्जन में देखा. दोबारा देखने की सबसे बड़ी वजह थी इसका बैकग्राउंड म्यूजिक. इसमें बहुत सी और भी खास चीज़ें हैं लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैंने फिर से सवा दो घंटे इसके सेंसेशनल बीजीएम को दोबारा एन्जॉय करने के लिए दिया.. मैंने इसे सबसे बड़ी वजह बताया इसका मतलब ये है कि और भी छोटी-छोटी वजहें भी थीं.


2019 में आई इस फिल्म के बारे में पहले काफी सुन रखा था बाकी जब पता चला कि इसकी भी हमारे मालदारवुड (बॉलीवुड) वाले रिमेक बनाने वाले हैं जिसमें अजय देवगन मुख्य भूमिका में होंगे तो थोड़ा और जानने को मिल गया. वैसे भी आधा बॉलीवुड तो साउथ वालों के भरोसे ही चल रहा है, कंटेंट्स के राइट्स लेकर. करना क्या होता है बस पैसा गिनना है.
खैर! ये अलग विषय है. इसपे फिर कभी बात होगी. अभी बात फिल्म की Kaithi पूरी तरह से उसी स्वाद की फिल्म है जिस तरह का सिनेमा ज्यादातर दर्शक पसंद करते हैं. पूरी तरह से मसाला एंटरटेनर. मसाला तो हर किसी के पास उपलब्ध होता है लेकिन उस मसाले का प्रयोग कब, कैसे और किस तरह से करना है वो फिल्म के लेखक-निर्देशक लोकेश कनगराज ने करके दिखाया है. बस एक रात की कहानी में एक छोटा सा सफर और उस सफर में एक धमाकेदार चेज. इसमें ना स्टाइलिस बाइक है और ना ही ममहंगी कारें हैं, इसमें है तो बस एक पुरानी लॉरी (ट्रक). इसमें ड्रग्स एंगल भी है लेकिन वो तमाशे का कारण है तमाशा तो कुछ और ही है. उसी तमाशे को मजेदार बनाता है अभिनेता कार्थी का इंटेस लुक और धाकड़ एक्टिंग. बाकी और क्या-क्या है वो ‘मेलोडी खाओ खुद जान जाओ’ की तरह फिल्म देखो खुद जानो..

filmania youtube https://bit.ly/2UmtfAd kaithi


जब प्रभास की फिल्म साहो आई थी तब उस पर पानी की तरह पैसा बहाया गया था चुकी वो भी साउथ की ही फिल्म थी लेकिन उसमें बॉलीवुडिया घालमेल था तो.. बाकी आप समझदार हैं ही. क्या हुआ पता ही है..साहो का जिक्र करने का मकसद ये है कि इस फिल्म के मेकर्स ने कहा था कि ये फिल्म स्क्रीनप्ले प्रधान फिल्म है मतलब ये कि इसके स्क्रीनप्ले पर ज्यादा फोकस किया है ताकि दर्शक एन्जॉय करे पर वो मामला दर्शकों को कुछ जमा नहीं हो. लेकिन Kaithi बताती है और सिखाती भी है कि स्क्रीनप्ले को कैसे दिलचस्प बनाया जा सकता है. जिसमें दर्शक एक बार लीन हो तो अंत तक लीन ही रहे. पूरी फिल्म में स्क्रीनप्ले ही असली हीरो है और उसके सहायक भूमिका में बैकग्राउंड म्यूजिक और कार्थी की इंटेस एक्टिंग. इस फिल्म में इमोशन है, एक्शन है, लव (गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड वाली नहीं) है, सस्पेंस है, थ्रिल है. एक मसाला फिल्म बनाने में जो लगता है वो सब कुछ है सिवाय आइटम सॉन्ग के. सबको अपनी जगह पर एकदम परफेक्ट बैठाया गया है.


इसको तो बहुत लोगों ने देख भी लिया होगा. क्योंकि ये ऐसी फिल्म है वो बिरले ही किसी को पसंद ना आए. मसाला फिल्म के प्रेमी ना हो तो भी ये आपको खूब मजा देगी. इतना सब लिखने का एक मकसद ये भी है कि मेरे प्रिय मालदारवुड वालों परफेक्ट मसाला फ़िल्म खाली उड़नछू एक्शन और सिक्स पैक वाले एक्टर के स्टाइल मारने से नहीं बनती उसके लिए क्रिएटिविटी चाहिए होती है. वैसे का दिक्कत है इसको झाड़-पोछ के हिंदी में लाने वाले तो हो ही. लाओ मासूम पब्लिक तैयार है मोहब्बत बरसाने के लिए. बाकी अजय देवगन हैं रीमेक में तो एक्टिंग वाला डिपार्टमेंट से थोड़ा निश्चिंत है आदमी..

– Divyaman Yati

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